हिसार में बिजली अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया

मुख्य बिंदू:
  • एसीबी हिसार ने टोहाना के एसडीओ धर्मवीर सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
  • आरोपी ने बिजली कनेक्शन के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी।
  • धर्मवीर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज।
  • आरोपी को फतेहाबाद कोर्ट में 20 जून 2025 को पेश किया जाएगा।
  • एसीबी ने आम लोगों से रिश्वत की शिकायत टोल-फ्री नंबर पर करने की अपील की।
19 जून 2025 को हिसार की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने टोहाना के एसडीओ धर्मवीर सिंह को गिरफ्तार किया। उन्हें रतिया रोड, अम्बेडकर चौक के पास 50,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर हुई। आरोपी के खिलाफ धारा 7 पीसी एक्ट 1988 के तहत मामला दर्ज हुआ। यह मामला हिसार के एसीबी थाने में दर्ज किया गया।
20 जून 2025 को धर्मवीर सिंह को फतेहाबाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसीबी की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख दिखाती है। यह घटना हरियाणा में प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देती है। शिकायतकर्ता की सतर्कता ने इस गिरफ्तारी को संभव बनाया। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए ऐसी कार्रवाइयां जरूरी हैं।
शिकायतकर्ता की साहसी पहल से पकड़ा गया भ्रष्ट अधिकारी
शिकायतकर्ता ने एसीबी हिसार को बताया कि उसने अपनी बाबा फीड मिल के लिए 49 किलोवाट का बिजली कनेक्शन मांगा था। धर्मवीर सिंह ने इसके लिए 60,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने राशि कम करने की गुहार लगाई। आखिरकार, 50,000 रुपये पर सहमति बनी। शिकायतकर्ता ने तुरंत एसीबी को सूचित किया।
एसीबी ने जाल बिछाकर धर्मवीर को रंगे हाथों पकड़ा। यह शिकायतकर्ता की हिम्मत का नतीजा है। उनकी सतर्कता ने भ्रष्टाचार को उजागर किया। यह घटना दूसरों को भी ऐसी शिकायतें करने के लिए प्रेरित करती है। एसीबी ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए शिकायतकर्ता की सराहना की।
हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम
एसीबी हिसार की इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का रुख स्पष्ट होता है। धर्मवीर सिंह की गिरफ्तारी से अन्य अधिकारियों को सबक मिलेगा। हरियाणा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो लगातार सक्रिय है। यह कार्रवाई प्रशासन में ईमानदारी को बढ़ावा देती है। जनता का भरोसा मजबूत होता है।
एसीबी ने आम लोगों से भ्रष्टाचार की शिकायत करने को कहा। टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 और 1064 पर सूचना दी जा सकती है। यह अपील भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाती है। ऐसी कार्रवाइयां भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा की दिशा में कदम हैं। यह जनता को सशक्त बनाती है।
जनता की जागरूकता से भ्रष्टाचार पर लगाम
एसीबी की यह कार्रवाई जनता की जागरूकता का परिणाम है। शिकायतकर्ता ने समय रहते सूचना दी। इससे भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिली। टोहाना जैसे छोटे शहरों में भी लोग अब जागरूक हो रहे हैं। यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सामूहिक लड़ाई है।
एसीबी ने लोगों से अपील की कि वे बिना डर के शिकायत करें। सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की चर्चा है। लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीत मान रहे हैं। यह घटना अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकती है। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए जनता का साथ जरूरी है।

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