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एसीबी गुरुग्राम ने नूंह के तीन अधिकारियों को अवैध खनन मामले में पकड़ा।
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आरोपियों में तत्कालीन कानूनगो, सहायक और चकबंदी अधिकारी शामिल हैं।
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सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर जांच के बाद कार्रवाई शुरू।
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तीन अन्य आरोपी फरार, 50,000 रुपये का इनाम घोषित।
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अवैध खनन से सरकारी जमीन और एनजीटी नियमों का उल्लंघन।
24 जून 2025 को गुरुग्राम की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने नूंह के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया। इनमें अख्तर हुसैन (कानूनगो), जान मोहम्मद (सहायक चकबंदी अधिकारी), और रामकुमार (चकबंदी अधिकारी) शामिल हैं। यह कार्रवाई बसई मेव में अवैध खनन के मामले में हुई। आरोपियों को 25 जून 2025 को नूंह कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह कदम भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की दिशा में है।
एसीबी ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर जांच की। सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अधिकारियों ने खनन माफिया के साथ मिलकर गलत कमाई की। यह मामला हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। जनता ने एक्स पर इस कदम की सराहना की।
सर्वोच्च न्यायालय ने 19 मार्च 2025 को सीईसी को जांच का आदेश दिया। सीईसी ने 15 अप्रैल 2025 को अपनी रिपोर्ट दी। इसमें 10 सिफारिशें थीं, जिनमें अवैध खनन पर कार्रवाई शामिल थी। नूंह के बसई मेव में वन विभाग की जमीन पर अवैध सड़क बनाई गई। इसका इस्तेमाल खनन सामग्री लाने-ले जाने में हुआ।
अधिकारियों ने एनजीटी नियमों की अनदेखी की। उन्होंने वाहन मालिकों के साथ मिलकर झूठे शपथ-पत्र दिए। इससे सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ। एसीबी ने इस भ्रष्टाचार को उजागर किया। यह जांच भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने में मदद करेगी।
बसई मेव के तत्कालीन सरपंच हनीफ उर्फ अन्ना ने अधिकारियों के साथ साठगांठ की। उन्होंने वन विभाग की जमीन पर अवैध सड़क बनाई। इस सड़क से खनन सामग्री का अवैध परिवहन हुआ। इससे उन्हें अनुचित आर्थिक लाभ मिला। यह गतिविधि एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन थी।
एसीबी ने 23 जून 2025 को शेर मोहम्मद को भी गिरफ्तार किया। तीन अन्य आरोपी—हनीफ, शौकत, और शाबिर—अभी फरार हैं। एसीबी ने इनके लिए 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया। यह कार्रवाई खनन माफिया के खिलाफ सख्त संदेश देती है।
हरियाणा में भ्रष्टाचार रोकने की सामूहिक जिम्मेदारी








