भय अपराधियों में होना चाहिए ,जनता में नहीं: कुमारी सैलजा

मुख्य बिंदु :

• कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बिगड़ती कानून व्यवस्था की आलोचना की।
• प्रशासन को सतर्क रहकर हर कार्य की निगरानी करने का आग्रह।
• शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में उपेक्षा पर चिंता जताई।
• कैथल में दलित महिला के उत्पीड़न के लिए न्याय की मांग।

एआईसीसी महासचिव और सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई और कहा कि भय जनता में नहीं, अपराधियों में होना चाहिए। सिरसा में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बीजेपी सरकार पर कानून व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया। “राज्य में लूट, हत्या और उगाही की घटनाएं बढ़ रही हैं,” सैलजा ने कहा।

अपराधी बेखौफ होकर वारदातें कर रहे हैं, जबकि जनता डर में जी रही है। 2024 की हरियाणा पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अपराध दर में 12% की वृद्धि हुई है। सैलजा ने बताया कि शराब ठेकों की बोली में भी अपराधियों की धमकियों के कारण कोई आगे नहीं आ रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो उद्योगपति भी राज्य छोड़ सकते हैं। उन्होंने सरकार से अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सैलजा ने प्रशासनिक खामियों पर भी सवाल उठाए, विशेषकर जनकल्याणकारी योजनाओं के धन के दुरुपयोग पर।

प्रशासन को सक्रिय रहकर जनकल्याण योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना होगा
सिरसा में हाल की समीक्षा बैठक में सैलजा ने प्रशासन की जवाबदेही की कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना जनहित के लिए है, न कि व्यक्तिगत शिकायत। “हम जनप्रतिनिधि हैं, जनता के प्रति जवाबदेह हैं,” उन्होंने कहा। योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना चाहिए, पर धरातल पर कार्य नहीं हो रहा। सिरसा में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी कमी से जूझ रहे हैं। 2025 के राज्य ऑडिट के अनुसार, सिरसा में 30% शिक्षक पद खाली हैं। सैलजा ने तत्काल भर्ती की मांग की। उन्होंने डिजिटल पोर्टल की जटिलताओं पर भी आपत्ति जताई, जिससे किसान परेशान हैं। उन्होंने भौतिक सत्यापन पर जोर दिया ताकि योजनाओं का सही लाभ मिले। स्थानीय लोग भी प्रशासनिक निष्क्रियता से त्रस्त हैं और सुधार की मांग कर रहे हैं।

बुनियादी ढांचे की उपेक्षा और अधिकारियों की लापरवाही से सिरसा की प्रगति रुकी

सैलजा ने सिरसा में सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम की खराब स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों पर पुरानी रिपोर्ट पेश करने का आरोप लगाया। “मैंने हाल की तस्वीरें दिखाईं, जो टूटी सड़कों की हकीकत बयान करती हैं,” उन्होंने कहा। 2024 के एनएचएआई सर्वे के अनुसार, सिरसा की 40% सड़कें मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं। सैलजा ने प्रशासन से कागजी कार्यवाही के बजाय जमीनी निरीक्षण की सलाह दी। उन्होंने बीपीएल कार्डों के गलत रद्दीकरण पर भी उपायुक्त से जांच की मांग की। रेलवे सुविधाओं के लिए, उन्होंने सिरसा में वाशिंग लाइन की वकालत की, जिससे ट्रेन सेवाएं बढ़ सकती हैं। उनकी यह सक्रियता बुनियादी ढांचे की उपेक्षा को दूर करने का प्रयास है।

दलित महिला को न्याय और कालांवाली की नई नेतृत्व को समर्थन

सैलजा ने कैथल में एक दलित महिला के साथ पुलिस थाने में हुए अत्याचार की निंदा की और इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया। “यह बीजेपी की दलितों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है,” उन्होंने कहा, दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कालांवाली नगर पालिका की नवनिर्वाचित टीम, जिसका नेतृत्व महेश झोरड़ गोयल कर रहे हैं, को बधाई दी। “वोटरों ने बीजेपी के दबाव के बावजूद साहस दिखाया,” उन्होंने कहा। सैलजा 5 जुलाई को टोहाना के गांवों का दौरा करेंगी ताकि स्थानीय समस्याओं को सुन सकें।

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