स्मार्ट सिटी ,अमृत योजनाएं दिखावा ,बारिश में सड़कें डूब गईं:सैलजा

मुख्य बिंदु :
• कुमारी सैलजा ने बारिश के बाद जलभराव पर बीजेपी को आड़े हाथों लिया।
• खराब नाला सफाई से हरियाणा शहरों में बाढ़ बढ़ी।
• सैलजा ने स्मार्ट सिटी और अमृत योजनाओं को विफल बताया।
• जनता ने हरियाणा में धन के दुरुपयोग की जांच मांगी।

कुमारी सैलजा, एआईसीसी महासचिव और सिरसा सांसद, ने मानसून बारिश के बाद हरियाणा में बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। बुधवार को 11 जिलों, खासकर यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल में भारी बारिश हुई। शिवालिक पहाड़ियों पर मूसलाधार बारिश से सोमनदी और मारकंडा जैसी नदियां उफान पर हैं। इससे ग्रामीणों को पलायन करना पड़ा। शहरों में जलभराव से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जो बीजेपी की स्मार्ट सिटी योजना की नाकामी दिखाता है। सैलजा का कहना है कि समय पर नालों की सफाई नहीं हुई। वीरवार को सिरसा में बारिश से जनता और वाहन चालकों को परेशानी हुई। क्या यह हरियाणा प्रशासन के लिए चेतावनी है? जनता स्थिति पर नजर रख रही है।
सैलजा ने बीजेपी पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। अमृत योजना का प्रचार बड़े स्तर पर हुआ, लेकिन यह अधूरी है। सही जल निकासी की कमी से शहर डूब गए। गंदा पानी घरों और दुकानों में घुसा, सामान खराब हो गया। विकास पर खर्च हुए करोड़ों पर सवाल उठते हैं। एक्स पोस्ट्स में नागरिकों की चिंता दिखती है। सरकार की निष्क्रियता गुस्से को बढ़ा रही है। क्या यह नेताओं को कार्रवाई के लिए मजबूर करेगा? मानसून का असर बेहतर योजना की जरूरत बताता है।

स्मार्ट सिटी और अमृत योजनाएं दिखावा हैं :सैलजा

कुमारी सैलजा का कहना है कि स्मार्ट सिटी और अमृत योजनाएं दिखावा हैं। भारी निवेश के बावजूद हिसार और भिवानी में थोड़ी बारिश से बाढ़ आई। हिसार में 10 मिनट की बारिश में सड़कें डूब गईं, जनता परेशान हुई। भिवानी में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। कुरुक्षेत्र और अंबाला में भी यही हाल रहा। सैलजा पूछती हैं कि पैसा कहां गया। उन्होंने धन के दुरुपयोग की पारदर्शी जांच मांगी। बीजेपी के प्रगति दावे खोखले लगते हैं। क्या भ्रष्टाचार इसके पीछे है? निवासियों को धोखा महसूस होता है।

सांसद ने नाला रखरखाव में देरी पर जोर दिया। मानसून के करीब आने पर ही आदेश दिए जाते हैं, जो देर से लागू होते हैं। तब तक बारिश नुकसान कर चुकी होती है। सैलजा मानती हैं कि पहले कदम उठाए गए होते तो यह न होता। स्रोत बताते हैं कि जनता में नाराजगी बढ़ रही है। क्या सरकार पर सुधार का दबाव पड़ेगा? यह विफलता बीजेपी की विश्वसनीयता की परीक्षा है।

भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और नेताओं की जांच की मांग

सैलजा ने हरियाणा सरकार से जलभराव पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और नेताओं की जांच मांगी। जल निकासी प्रणाली की कमी से सड़कें डूबीं। वे पूछती हैं कि स्मार्ट सिटी फंड के बावजूद शहर क्यों डूबे। जनता तुरंत राहत और जवाबदेही चाहती है। सैलजा सरकार से गड़बड़ी ठीक करने को कहती हैं। क्या यह कड़ा निगरानी लाएगा? उनका सख्त रुख प्रभावित समुदायों में गूंजता है।उन्होंने नागरिकों और व्यापारियों पर वित्तीय बोझ नोट किया। डूबे बाजारों से स्थानीय व्यापार प्रभावित हुआ। सरकार की उदासीनता संकट को गहरा रही है। सैलजा इस लापरवाही को रोकने की मांग करती हैं। एक्स यूजर्स उनकी कार्रवाई की मांग का समर्थन करते हैं। क्या बीजेपी अपनी साख बचाने के लिए जवाब देगी? परिणाम हरियाणा के शासन भविष्य को आकार दे सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *