-
एसीबी ने राजेश वशिष्ठ पर 12,000 रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया।
-
वशिष्ठ को स्टिंग ऑपरेशन में रंगे हाथों पकड़ा गया।
-
चालान फरीदाबाद कोर्ट में भ्रष्टाचार के खिलाफ दायर हुआ।
-
आरोपी नीमका जेल में 23 अप्रैल, 2025 से बंद है।
चंडीगढ़: फरीदाबाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 19 जून, 2025 को जिला राजस्व कार्यालय के तत्कालीन मुख्य पंजीकरण लिपिक राजेश कुमार वशिष्ठ के खिलाफ फरीदाबाद कोर्ट में चालान पेश किया। यह चालान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत दायर हुआ। मामला एक स्थानीय निवासी की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें रिश्वत की मांग का आरोप है।
फरीदाबाद के एक निवासी ने एसीबी को बताया कि उनकी बहन यूएसए में रहती है। बहन के आर्य नगर, फरीदाबाद में मकान की देखभाल के लिए जनवरी 2025 में जीपीए दस्तावेज डाक से भेजे गए। शिकायतकर्ता ने दस्तावेज जिला आयुक्त कार्यालय में जमा किए। वहां से दस्तावेज राजस्व कार्यालय पहुंचे। मुख्य पंजीकरण लिपिक राजेश वशिष्ठ ने काम के लिए 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने अनुरोध किया, तो वशिष्ठ 12,000 रुपये पर राजी हुआ। यह घटना फरीदाबाद में भ्रष्टाचार की समस्या को उजागर करती है। शिकायतकर्ता ने कहा, “रिश्वत मांगना गलत है।” स्थानीय लोग इस मामले से नाराज हैं। एसीबी ने शिकायत को गंभीरता से लिया। यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। फरीदाबाद में ऐसी घटनाएं आम हो रही हैं। एसीबी की कार्रवाई ने लोगों में भरोसा जगाया। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में मददगार है।
फरीदाबाद कोर्ट में चालान दाखिल और जांच की प्रगति
19 जून, 2025 को एसीबी ने फरीदाबाद कोर्ट में चालान दाखिल किया। यह जांच में महत्वपूर्ण कदम है। चालान में वशिष्ठ के खिलाफ ठोस सबूत पेश किए गए। कोर्ट अब मामले की सुनवाई करेगा। एसीबी ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए। वशिष्ठ की गतिविधियों का पूरा विवरण जांच में शामिल है। स्थानीय लोग कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यह मामला फरीदाबाद में भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करता है। वशिष्ठ का प्रभाव क्षेत्र में चर्चा में रहा। कुछ लोगों का मानना है कि उसने पहले भी रिश्वत ली थी। एसीबी ने अन्य शिकायतों की जांच शुरू की। एक अधिकारी ने कहा, “यह भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश है।” स्थानीय समुदाय ने एसीबी की तारीफ की। मामला अब कानूनी प्रक्रिया में है। वशिष्ठ को सजा मिलने की उम्मीद है। यह घटना प्रशासन में सुधार की जरूरत को दर्शाती है। फरीदाबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ी।







