पानीपत: थाना सेक्टर 13-17 पुलिस ने अभद्र इशारे करने और एक महिला का पीछा करने के मामले में आरोपी को सेक्टर 18 से गिरफ्तार किया। मंगलवार को पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
दफ़्तर से शुरू हुई थी खुराफ़ात
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर किरण ने बताया कि एक महिला क्लर्क ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि वह एक विभाग में क्लर्क है और उसी दफ़्तर में नरेंद्र नाम का युवक चपरासी के पद पर कार्यरत है। महिला ने आरोप लगाया कि करीब एक महीने से नरेंद्र उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था, बुरी नज़र से देखता था और अभद्र इशारे करता था। वह आते-जाते कई बार उसका पीछा भी करता था।
स्कूटी में रखा नंबर और ज़बरदस्ती बात करने का दबाव
शिकायत के अनुसार, 1 नवंबर को छुट्टी के बाद जब महिला अपनी स्कूटी के पास पहुँची, तो नरेंद्र वहाँ आया और कहने लगा कि उसने अपना फ़ोन नंबर पर्ची पर लिखकर स्कूटी की टोकरी में रख दिया है। उसने महिला से रात को कॉल करने और बात करने की ज़िद की। इससे महिला घबरा गई। पीछा करते हुए नरेंद्र उसके घर तक पहुँच गया और लगातार बात करने का दबाव बनाने लगा। महिला ने साहस कर नरेंद्र को धमकाया, जिसके बाद वह वहाँ से हटा।
कानूनी कार्रवाई और सज़ा
महिला की शिकायत पर थाना सेक्टर 13/17 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 (यौन उत्पीड़न), 78 (पीछा करना/स्टॉकिंग), और 79 (आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
सज़ा का प्रावधान: बीएनएस की इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को कड़ी सज़ा का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें कैद और जुर्माना दोनों शामिल हैं। उदाहरण के लिए, धारा 78 के तहत पीछा करने (स्टॉकिंग) के लिए पहली बार दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।








