मुख्य बिंदु :
- हरियाणा ने 50 से अधिक पदों वाले विभागों के लिए ऑनलाइन स्थानांतरण अनिवार्य किया।
- अनिल विज ने कांग्रेस पर अंबेडकर के संविधान का अपमान करने का आरोप लगाया।
- विज ने आरएसएस को राष्ट्र-निर्माण में वैश्विक नेता बताया।
- हरियाणा की नई ऑनलाइन स्थानांतरण नीति
प्रशासनिक दक्षता में क्रांति लाएगी हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने स्थानांतरण नीति में क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की। 50 से अधिक पदों वाले विभागों में अब स्थानांतरण केवल ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से होंगे। यह कदम पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। विज ने कहा कि जब तक ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक कोई स्थानांतरण नहीं होगा।
“यह नीति मैनुअल हस्तक्षेप को समाप्त करती है,” विज ने 2 जुलाई, 2025 को चंडीगढ़ में पत्रकारों से कहा। यह निर्देश हरियाणा के डिजिटल शासन की दिशा में एक कदम है। ऊर्जा विभाग के सूत्रों का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल 2025 के अंत तक शुरू हो जाएगा। यह सुधार कर्मचारियों के लिए निष्पक्ष और तेज प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।
विज ने कांग्रेस की अंबेडकर के संवैधानिक दृष्टिकोण पर प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए
अनिल विज ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संविधान की रक्षा के दावे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल में “धर्मनिरपेक्ष” और “समाजवाद” जैसे शब्द जोड़कर डॉ. बी.आर. अंबेडकर के दृष्टिकोण को विकृत किया। “अंबेडकर ने सभी समुदायों के लिए समावेशी संविधान बनाया, लेकिन कांग्रेस ने इसे राजनीतिक लाभ के लिए बदला,” विज ने कहा। उन्होंने 1975 के आपातकाल का जिक्र किया, जब नागरिक अधिकार निलंबित किए गए थे। विज का बयान संवैधानिक मूल्यों पर बहस को तेज करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बीजेपी की अंबेडकर की विरासत की रक्षा की रणनीति को मजबूत करता है।
विज ने आरएसएस के सदी लंबे राष्ट्र-निर्माण योगदान की सराहना की
कर्नाटक के एक मंत्री के आरएसएस पर प्रतिबंध की धमकी पर विज ने कहा कि यह संगठन 100 वर्षों से राष्ट्र-निर्माण में लगा है। “आरएसएस लाखों स्वयंसेवकों के साथ राष्ट्रीय चेतना का प्रसार करता है,” उन्होंने कहा। विज ने व्यंग्य में कहा, “न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी।” 1925 में स्थापित आरएसएस सामुदायिक सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में काम करता है। विज का समर्थन राष्ट्रवादी मूल्यों को बढ़ावा देता है। आलोचकों का कहना है कि आरएसएस का प्रभाव वैचारिक विवाद पैदा करता है। फिर भी, विज का बयान बीजेपी की सांस्कृतिक एकता की विचारधारा को मजबूत करता है।
विज ने हरियाणा में कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन का समर्थन किया
राहुल गांधी की 30 जून, 2025 तक हरियाणा में कांग्रेस के पुनर्गठन की घोषणा पर विज ने कहा, “मजबूत विपक्ष लोकतंत्र के लिए जरूरी है। मैं इसका स्वागत करता हूं।” उन्होंने कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरियों पर सवाल उठाए, जो पिछले एक दशक से कमजोर है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस की कमजोर संरचना ने हरियाणा में उसकी स्थिति कमजोर की है। विज का बयान लोकतांत्रिक संतुलन की आवश्यकता पर जोर देता है, साथ ही कांग्रेस को अपनी ताकत साबित करने की चुनौती देता है।








