सिरसा सांसद ने अपने क्षेत्र में कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई

मुख्य बिंदू:
  • सिरसा सांसद ने अपने क्षेत्र में बढ़ते कैंसर मामलों की बात उठाई।
  • कैंसर जांच और इलाज के लिए तत्काल सुविधा की मांग।
  • रासायनिक खादों से प्रदूषण को बढ़ते मामलों से जोड़ा।
  • सरकार से सिरसा में स्वास्थ्य सुधार की अपील।
  • बीकानेर जाने वाले मरीजों के लिए समर्थन की मांग।
सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने अपने क्षेत्र में कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सिरसा जिले में कैंसर इलाज के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं है। कोई स्थानीय अस्पताल नहीं है, जिससे मरीजों को 400 किमी दूर बीकानेर, राजस्थान तक जाना पड़ता है। सैलजा ने राज्य सरकार से सिरसा में कैंसर जांच और इलाज केंद्र जल्द शुरू करने की मांग की।
यह समस्या हजारों को प्रभावित करती है, जिसमें फतेहाबाद के लोग भी शामिल हैं। सैलजा ने चेतावनी दी कि देरी जिंदगियों के लिए खतरा है। उनकी अपील समाज की बढ़ती नाराजगी को दर्शाती है। एक्स पर स्थानीय लोग उनके स्वास्थ्य सुधार के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं। सांसद का ध्यान मरीजों और परिवारों की परेशानी कम करने पर है।
सिरसा में प्रदूषण से बढ़ रहा कैंसर
सैलजा ने रासायनिक खाद और कीटनाशकों को कैंसर बढ़ने का मुख्य कारण बताया। घग्घर नदी में फैक्ट्रियों का कचरा प्रदूषण को बढ़ा रहा है। स्थानीय स्वास्थ्य डेटा के अनुसार, ये विषैले तत्व पानी और मिट्टी को दूषित कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि ये हानिकारक पदार्थ अब मां के दूध में भी हैं।
यह प्रदूषण गर्भवती महिलाओं और नवजातों को लंबे समय तक प्रभावित करता है। कई गांवों में पीने का पानी असुरक्षित है। सैलजा की चिंता पर्यावरणीय कदम उठाने की जरूरत बताती है। समुदाय उम्मीद करता है कि उनकी वकालत बदलाव लाए। यह ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी स्वास्थ्य समस्या को उजागर करता है।
सिरसा में स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ती मांग

सांसद ने बताया कि जिला स्वास्थ्य टीम ने तीन लाख लोगों की जांच की। स्क्रीनिंग में कई कैंसर मरीज मिले। सिरसा में इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीज रोहतक के पीजीआई या बीकानेर के आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल जाते हैं। सैकड़ों लोग प्रभावित हैं, कई इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं।

सैलजा का अनुमान है कि जिले में 5,000 कैंसर मामले हैं।ज्यादातर मरीज गरीब परिवारों से हैं, जो दूर इलाज का खर्च नहीं उठा सकते। उन्होंने मुख्यमंत्री से सिरसा में कैंसर केयर सेंटर प्राथमिकता देने की अपील की। बाबा सरसाईनाथ मेडिकल कॉलेज में इसे शामिल करने का सुझाव दिया। उनकी मांग कमजोर वर्ग के लिए तत्काल राहत चाहती है।

 
पर्यावरणीय संकट से बढ़ रही स्वास्थ्य चिंताएं

सैलजा ने कहा कि घग्घर नदी के पास कैंसर के मामले सबसे ज्यादा हैं। उन्होंने बाबा सरसाईनाथ मेडिकल कॉलेज में प्रस्तावित कैंसर सेंटर की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। इसमें सालों लग सकते हैं, तब तक मरीज इंतजार नहीं कर सकते। उन्होंने सरकार से पूरे हरियाणा में इस समस्या पर ध्यान देने को कहा।

 

गरीब परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, उन्हें तत्काल सहायता चाहिए। सैलजा का आह्वान हरियाणा में व्यापक स्वास्थ्य संकट को दर्शाता है। एक्स पर सोशल मीडिया उनकी बात का समर्थन कर रहा है। उनका नेतृत्व क्षेत्र को इस बढ़ते खतरे से बचाने का प्रयास है।

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