ठियोग में नया बस अड्डा और वाइनरी की सुख सौगात

मुख्य बिंदु:
  • ठियोग में 14.84 करोड़ रुपये का बस अड्डा और 23 करोड़ की सब्जी मंडी शुरू।
  • एचआरटीसी सब डिपो और वर्कशॉप खोलने की घोषणा।
  • पराला में 26 करोड़ रुपये से बनेगी नई वाइनरी।
  • किसानों और बागवानों के लिए बेहतर सुविधाओं का वादा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला जिले के ठियोग में 14.84 करोड़ रुपये की लागत से बने आधुनिक बस अड्डे और 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शिलारू फल-सब्जी विपणन परिसर का उद्घाटन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह बस अड्डा यात्रियों और एचआरटीसी कर्मचारियों को सभी जरूरी सुविधाएं प्रदान करेगा। पर्याप्त पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह निर्माण क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। शिलारू विपणन परिसर से किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा। इससे उनका समय और धन दोनों बचेगा। सरकार किसानों को उनके गांव के पास बेहतर बाजार सुविधाएं देने के लिए कटिबद्ध है।

एचआरटीसी सब डिपो और वाइनरी की घोषणा
मुख्यमंत्री ने ठियोग में एचआरटीसी सब डिपो और वर्कशॉप खोलने की घोषणा की। पुराने बस अड्डे की जगह पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए धन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, पराला मंडी में 26 करोड़ रुपये की लागत से वाइनरी स्थापित होगी, जो बागवानों को लाभ पहुंचाएगी। कुरपन पेयजल परियोजना के लिए भी पूर्ण वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया गया। सुक्खू ने कहा कि ठियोग मिनी सचिवालय का निर्माण जल्द पूरा होगा। सरकार अधूरे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं और बागवानी को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ठियोग अस्पताल में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सरकार आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,350 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। डॉक्टरों, नर्सों और रोगी मित्रों की भर्ती भी होगी। सुक्खू ने बताया कि सेब बागवानों के हित में यूनिवर्सल कार्टन लागू किया गया। उन्होंने विदेशी सेब आयात पर रोक की मांग प्रधानमंत्री से की है। आपदा के दौरान सड़कों को बहाल करने के लिए त्वरित कदम उठाए गए ताकि बागवानों को नुकसान न हो।

पर्यटन और आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में कदम
सुक्खू ने बताया कि शिपकी-ला को पर्यटकों के लिए खोला गया है। मानसरोवर यात्रा शुरू करने की दिशा में भी प्रयास हो रहे हैं। यह हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ठियोग ने हमेशा मजबूत नेतृत्व चुना है। कुरपन पेयजल परियोजना पर 255 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बाकी 45 करोड़ रुपये से इसे जल्द पूरा किया जाएगा। ठियोग के शेष वार्डों में सीवरेज कार्य भी शीघ्र पूरा होगा।

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