खबर सार :
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घोटालों का रिकॉर्ड:भाजपा सरकार में धान, चावल, शराब और सिंचाई विभाग में घोटाले।
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सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार: बाढ़ से पहले और बाद में फर्जी बिलों से लाखों की हेराफेरी।
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किसानों का नुकसान: नहरों की सफाई और तटबंधों की मरम्मत के नाम पर ठगी।
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कांग्रेस की मांग: निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई।
चंडीगढ़, 12 जून 2025: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा की BJP सरकार पर भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में घोटाले आम हो गए हैं, खासकर सिंचाई विभाग में, जहां बाढ़ से पहले और बाद में फर्जी बिलों के जरिए लाखों की हेराफेरी की जा रही है।
सैलजा ने कहा कि सिंचाई विभाग किसानों और आम लोगों से सीधे जुड़ा है, जो नहरों के जरिए फसलों के लिए पानी और जनस्वास्थ्य विभाग को पेयजल उपलब्ध कराता है। लेकिन इस विभाग में सबसे ज्यादा घोटाले हो रहे हैं। नहरों की सफाई केवल कागजों पर दिखाई जाती है और फर्जी बिलों से भुगतान किया जाता है। तटबंधों की मरम्मत के नाम पर भी हेराफेरी होती है। बाढ़ के दौरान तटबंध टूटने पर चूहों के बिलों को दोष दिया जाता है। बोरों में रेत भरकर तटबंध मजबूत करने के नाम पर बोरों की संख्या और कीमत बढ़ाकर पैसे हड़पे जाते हैं। सिरसा में पहले भी वाहनों की जगह बाइक और स्कूटर से मिट्टी ढोने का घोटाला सामने आ चुका है।
सैलजा ने कहा कि BJP सरकार के कार्यकाल में धान, चावल, शराब और अन्य घोटाले हुए, लेकिन जांच से बचा गया क्योंकि इसमें सत्ताधारी लोग शामिल थे। हाल ही में सिंचाई विभाग के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में घोटाले के बाद सरकार ने 12 SE, 17 XEN, 22 SDO और 29 JE को चार्जशीट किया, साथ ही तीन चीफ इंजीनियरों को नोटिस जारी किया। फिर भी, सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार निष्पक्ष जांच से बच रही है। जनस्वास्थ्य और नगर निगमों में भी भ्रष्टाचार चरम पर है, लेकिन सरकार हर जगह पारदर्शिता का दावा करती है।
सैलजा ने मांग की कि सरकार निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि अगर ईमानदारी से कार्रवाई हो तो घोटालों पर रोक लग सकती है, लेकिन सत्ताधारी लोगों की मिलीभगत से निष्पक्ष जांच पर संदेह बना रहता है।







