हरियाणा में सरल पोर्टल की खामियां: युवाओं का भविष्य खतरे में

मुख्य बिंदु:

  • सरल पोर्टल हरियाणा के युवाओं के लिए परेशानी का सबब बना।
  • 31 मार्च 2025 के बाद के प्रमाण पत्र ही वैध माने गए।
  • ओबीसी, एससी, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्रों में त्रुटियां आम हैं।
  • कुमारी सैलजा ने सामाजिक अन्याय का आरोप लगाया।
  • पोर्टल सुधार और पुराने दस्तावेज मान्य करने की मांग।

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने सरल पोर्टल की खामियों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा नहीं, बल्कि संकट पैदा कर रहा है। पोर्टल बार-बार क्रैश होता है। ओटीपी समय पर नहीं मिलता। जाति प्रमाण पत्रों में गलतियां हो रही हैं। हजारों युवा ओबीसी, एससी, और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र नहीं बनवा पा रहे। यह तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय में बाधा है।

31 मार्च 2025 की शर्त से युवाओं का भविष्य अधर में
सरल पोर्टल पर 31 मार्च 2025 के बाद बने प्रमाण पत्र ही मान्य हैं। पुराने वैध दस्तावेज अस्वीकार हो रहे हैं। सैलजा ने इसे अन्याय बताया। इससे पात्र युवाओं का भविष्य खतरे में है। कभी मृत्यु प्रमाण मांगा जाता है। डेटा अपलोड में भी समस्याएं हैं। सामाजिक वर्गों के लिए अवसर सीमित हो रहे हैं।

सैलजा ने पोर्टल को तकनीकी रूप से स्थिर करने की मांग की। उन्होंने पुराने प्रमाण पत्रों को मान्य करने को कहा। गलत प्रमाण पत्रों को तुरंत ठीक करना जरूरी है। अंतिम तिथि बढ़ाना दिखावा नहीं होना चाहिए। सैलजा ने संसद और सड़क पर यह मुद्दा उठाने की चेतावनी दी।

सरल पोर्टल की खामियों ने जनता को परेशान किया। सीईटी पंजीकरण जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित हुईं। बेरोजगार युवा प्रमाण पत्र नहीं बनवा पा रहे। सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।

सरल पोर्टल का उद्देश्य डिजिटल सुविधा देना था, लेकिन यह युवाओं के लिए बाधा बन गया। तकनीकी खामियों ने सामाजिक न्याय को प्रभावित किया। सैलजा ने सरकार से तुरंत सुधार की मांग की। हरियाणा के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना जरूरी है।

हरियाणा सरकार ने सरल पोर्टल (सिंपल, ऑल इनक्लूसिव, रियल-टाइम, एक्शन-ओरिएंटेड, लॉन्ग-लास्टिंग) को डिजिटल इंडिया के तहत शुरू किया। इसका लक्ष्य 44 विभागों की 545 से अधिक सेवाओं और योजनाओं को डिजिटल बनाना है। यह पोर्टल नागरिकों को एक ही मंच पर प्रमाण पत्र, लाइसेंस और अन्य सेवाएं प्रदान करता है। आवेदन की स्थिति को वेब और एसएमएस के माध्यम से ट्रैक किया जा सकता है। यह रैपिड असेसमेंट सिस्टम (RAS) के साथ एकीकृत है।

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