विपक्ष और लालू प्रसाद पर अनिल विज का तीखा हमला

मुख्य बिंदु :
  • हरियाणा सरकार ने जनगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
  • अनिल विज ने एक राष्ट्र-एक चुनाव का खुलकर समर्थन किया।
  • बार-बार चुनावों से समय और संसाधन बर्बाद होते हैं।
  • आचार संहिता के कारण कई परियोजनाएं रुक जाती हैं।
  • विपक्ष हर मुद्दे का विरोध करता है, जनता इसे गंभीर नहीं लेती।
  • लालू प्रसाद को अंबेडकर तस्वीर विवाद पर माफी मांगनी चाहिए।

चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने जनगणना, एक राष्ट्र-एक चुनाव, विपक्ष की आलोचना, लालू प्रसाद के विवाद, और हिन्दी को बढ़ावा देने पर बयान दिए। चंडीगढ़ में परिवहन कार्यशाला में 12 राज्यों के प्रतिनिधियों को संबोधित करने के बाद, उन्होंने मीडिया से बात की। विज ने सरकार की तैयारियों, एक साथ चुनावों के लाभ, और हिन्दी को प्रोत्साहन की जरूरत पर जोर दिया।

 

जनगणना और एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए हरियाणा की तैयारियां

अनिल विज ने कहा कि हरियाणा सरकार जनगणना के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्र और राज्य स्तर पर कई बैठकें हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की। “हमारी तैयारियां पुख्ता हैं,” उन्होंने कहा। विज ने एक राष्ट्र-एक चुनाव का समर्थन किया। बार-बार होने वाले लोकसभा, विधानसभा, और पंचायत चुनावों से समय और धन बर्बाद होता है। आचार संहिता के कारण परियोजनाएं रुक जाती हैं। “एक साथ चुनाव विकास को गति देंगे,” विज ने जोर दिया।|

 

विपक्ष और लालू प्रसाद पर अनिल विज का तीखा हमला

विपक्ष पर निशाना साधते हुए विज ने कहा, “विपक्ष हर बात का विरोध करता है।” उन्होंने उदाहरण दिया, “सूरज निकलने पर भी वे रात कहेंगे।” भारत की उपलब्धियों पर विपक्ष सवाल उठाता है। “जनता उनके विरोध को गंभीरता से नहीं लेती,” विज ने कहा। लालू प्रसाद के अंबेडकर तस्वीर विवाद पर उन्होंने कहा, “लालू को देश से माफी मांगनी चाहिए।” विज ने लालू की दोहरी मानसिकता की आलोचना की। “उनके कार्य उनकी सच्चाई दिखाते हैं,” उन्होंने टिप्पणी की।

 

हिन्दी को बढ़ावा और कांग्रेस पर सतही रवैये का आरोप
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा की हिन्दी नीति पर विज ने कहा, “हिन्दी को प्राथमिकता देनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि जापान, चीन, और जर्मनी अपनी भाषा में प्रगति कर रहे हैं। मातृभाषा में शिक्षा बच्चों के लिए आसान होती है। “अगर ढांडा आजादी के समय शिक्षा मंत्री होते, तो देश को लाभ होता,” विज ने कहा। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “वे मुद्दों की गहराई में नहीं जाते।” हिन्दी को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन अन्य भाषाओं पर रोक नहीं लगानी चाहिए। “अंग्रेजी का उपयोग रहे, पर हिन्दी को प्रोत्साहन मिले,” विज ने सुझाव दिया।

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