मुख्य बिंदु
- छात्र को कक्षा में बात करने के लिए 400 उठक-बैठक करवाई गईं।
- घटना देहरादून के वसंत विहार में डिफेंस कोचिंग संस्थान में हुई।
- माता-पिता ने संस्थान के खिलाफ क्रूरता की FIR दर्ज की।
- पुलिस जांच शुरू, CCTV फुटेज सुरक्षित की गई।
- संस्थान ने न छात्र की कोई मदद की न आरोपी टीचर के खिलाफ कोई करवाई
देहरादून के वसंत विहार में एक निजी डिफेंस कोचिंग संस्थान पर 18 वर्षीय एनडीए उम्मीदवार को कक्षा में बात करने की सजा में 400 उठक-बैठक करवाने का आरोप लगा है।
छात्र को गंभीर पैर और पीठ दर्द, सूजन और मांसपेशियों में ऐंठन के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जिससे वह बिस्तर पर रहने को मजबूर हो गया।
यह घटना 4 जुलाई 2025 को हुई। पिता की शिकायत के आधार पर बीएनएस धारा 117(2) के तहत मामला दर्ज हुआ, जो गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है। छात्र ने शुरू में यह बात परिवार से छिपाई ताकि चिंता न हो।लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। परिवार ने पहले पुलिस से संपर्क टाला, संस्थान से कार्रवाई की उम्मीद की।
संसथान ने न छात्र की कोई मदद की न आरोपी टीचर के खिलाफ कोई करवाई
वसंत विहार पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने पुष्टि की कि जांच चल रही है। “पीड़ित और उसके पिता के बयान दर्ज किए गए हैं। कक्षा का CCTV फुटेज भी सुरक्षित किया गया,” उन्होंने कहा।
पिता की शिकायत के अनुसार, घटना 4 जुलाई को हुई। परिवार ने पहले पुलिस से दूरी बनाई, उम्मीद की कि संस्थान कार्रवाई करेगा। हालांकि, मानसिक और शारीरिक पीड़ा और संस्थान की निष्क्रियता ने उन्हें पुलिस की मदद लेने को मजबूर किया।
ये घटनाएं सख्त निगरानी की मांग करती हैं। शिक्षा कार्यकर्ता रितु शर्मा ने कहा, “ऐसी सजा पुरानी और नुकसानदेह है।” कोचिंग उद्योग में सुधार और संस्थान के जवाब की मांग शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संस्थान को बार-बार ईमेल और लिखित शिकायतें भेजी गईं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बजाय, पिता का दावा है कि उन्हें संस्थान के लीगल काउंसल से धमकी भरे कॉल आए, और छात्र पर कक्षा में लौटने का दबाव डाला गया, जिससे और परेशानी बढ़ी।
यह कोचिंग सुधारों की मांग को बढ़ा रहा है। माता-पिता और कार्यकर्ता छात्रों की सुरक्षा के लिए नियम चाहते हैं। संस्थान ने शिक्षक जय सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जो जवाबदेही पर सवाल उठाता है।
पुलिस ने कहा कि मामले की गहन जांच हो रही है, और साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
छात्र मानसिक रूप से आहत है और कक्षाएं नहीं ले सका। यह मामला कोचिंग उद्योग में बेहतर नियमों की शुरुआत कर सकता है।








