गुटके में केसर का दावा करके फंसे शाहरुख़ ,अजय ,टाइगर और निर्माता

गुटके में केसर का दावा करके फंसे शाहरुख़ ,अजय ,टाइगर निर्माता
जयपुर की एक उपभोक्ता अदालत ने शाहरुख खान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ और विमल पान मसाला बनाने वाली कंपनी को कानूनी नोटिस दिया है। उन पर ‘भ्रामक’ विज्ञापन एंडोर्स करने का आरोप है।आरोप यह भी है कि इस विज्ञापन ने उपभोक्ताओं को गुमराह किया। दावा किया गया कि पान मसाले के कण-कण में केसर है। गुटके के पाउच का वजन 5 ग्राम है और कीमत भी ₹5 जबकि 5 ग्राम केसर ₹4 लाख प्रति किलो के हिसाब से ₹2,000 में मिलेगा।

भारत में बॉलीवुड और खेल जगत के सितारों की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि उनके द्वारा प्रचार किए गए उत्पाद आम जनता पर गहरा प्रभाव डालते हैं। यही वजह है कि जब शाहरुख खान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ, अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, अनिल कपूर, रणवीर सिंह, सैफ अली खान, रितिक रोशन, प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा, कपिल देव, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर, क्रिस गेल और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज कलाकार और खिलाड़ी तंबाकू और शराब जैसे हानिकारक उत्पादों का प्रचार करते हैं, तो यह एक बड़ा सामाजिक मुद्दा बन जाता है।

हाल ही में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को जयपुर की उपभोक्ता अदालत से कानूनी नोटिस मिला है, जिसमें विमल पान मसाला के एक कथित भ्रामक विज्ञापन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े सितारे को इस तरह के विवाद का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी कई सेलिब्रिटी विवादित ब्रांड्स को प्रमोट कर चुके हैं और बाद में आलोचना होने पर पीछे हट गए हैं।

अमिताभ बच्चन – कमला पसंद का प्रचार और फिर यू-टर्न
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने 2021 में कमला पसंद पान मसाला का विज्ञापन किया था। लेकिन जैसे ही यह एड ऑन-एयर हुआ, सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई। अमिताभ ने बाद में घोषणा की कि उन्हें इस प्रोडक्ट के हानिकारक प्रभावों के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी और उन्होंने इस ब्रांड के साथ अपना करार समाप्त कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी फीस भी वापस कर दी और इस तरह खुद को इस विवाद से अलग कर लिया।

अक्षय कुमार – विमल ब्रांड से जुड़कर ट्रोल हुए
अक्षय कुमार को हमेशा से एक हेल्दी लाइफस्टाइल और फिटनेस को प्रमोट करने वाला अभिनेता माना जाता है। लेकिन जब उन्होंने शाहरुख खान और अजय देवगन के साथ विमल पान मसाला के विज्ञापन में हिस्सा लिया, तो उनके फैंस ने उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया। लोगों ने उनकी छवि पर सवाल उठाए और कहा कि जो अभिनेता खुद हेल्दी रहने का संदेश देता है, वह तंबाकू ब्रांड का प्रचार कैसे कर सकता है? बढ़ते विवाद के बाद अक्षय कुमार ने माफी मांगी और कहा कि वह इस ब्रांड के साथ अपना करार समाप्त कर रहे हैं।

सचिन तेंदुलकर – 20 करोड़ का शराब ब्रांड का एड ठुकराया
सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान माना जाता है, और उनकी छवि साफ-सुथरी रही है। लेकिन जब उन्हें एक शराब ब्रांड के विज्ञापन के लिए 20 करोड़ रुपए का ऑफर मिला, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी हानिकारक उत्पाद का समर्थन नहीं करेंगे। उनका यह फैसला सराहनीय था और इससे साबित हुआ कि कुछ सितारे अपनी नैतिक जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हैं।

रणवीर सिंह और सैफ अली खान – गुटका और शराब ब्रांड्स के साथ जुड़े
रणवीर सिंह और सैफ अली खान जैसे सितारे भी शराब और गुटका ब्रांड्स के विज्ञापनों में नजर आ चुके हैं। रणवीर सिंह का एक विदेशी शराब ब्रांड के लिए किया गया प्रमोशन विवादों में आ गया था, जबकि सैफ अली खान भी पहले पान मसाला के विज्ञापनों में दिख चुके हैं। हालांकि, इन सितारों ने कभी भी इस मुद्दे पर सफाई नहीं दी और न ही विज्ञापन से खुद को अलग किया।

क्या है असली मुद्दा?
इन सभी मामलों में सवाल यही उठता है कि क्या सेलिब्रिटीज़ को किसी भी ब्रांड का प्रचार करने से पहले उसकी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी पर विचार नहीं करना चाहिए? भारत में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन निषेध) अधिनियम, 2003 और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत ऐसे उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर सख्त पाबंदियां हैं। बावजूद इसके, कंपनियां कानून के loopholes का फायदा उठाकर बड़े सितारों को अपने विज्ञापन का हिस्सा बना रही हैं।

जब विवाद बढ़ता है, तो ये सेलिब्रिटी या तो माफी मांग लेते हैं या चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ माफी मांग लेना काफी है?

निष्कर्ष – क्या सेलिब्रिटी की कोई जिम्मेदारी नहीं?
भारत में फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों का प्रभाव बहुत ज्यादा है। आम जनता उनके द्वारा किए गए प्रचारों को गंभीरता से लेती है। जब ये सेलिब्रिटी किसी तंबाकू, गुटका या शराब ब्रांड का प्रचार करते हैं, तो वे अनजाने में जनता को हानिकारक उत्पादों की ओर आकर्षित कर रहे होते हैं।

इसलिए, यह जरूरी है कि सरकार इन विज्ञापनों पर सख्ती करे और ऐसे सितारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो जो सिर्फ पैसे के लिए हानिकारक उत्पादों का प्रचार करते हैं। इसके साथ ही, आम जनता को भी जागरूक होना पड़ेगा कि सिर्फ सेलिब्रिटीज़ के कहने पर कोई भी प्रोडक्ट अपनाना सही नहीं है।

अब देखना यह होगा कि क्या शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ इस विवाद पर कोई सफाई देंगे या फिर अन्य अभिनेताओं की तरह कानूनी नोटिस के बाद ही पीछे हटेंगे।

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