हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने घोषणा की कि अंबाला छावनी में 38 करोड़ रुपये की लागत से बिजली का ढांचा पूरी तरह बदला जाएगा, जिससे क्षेत्र में विकसित देशों की तर्ज पर उच्च गुणवत्ता वाली विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने बताया कि इस परियोजना का टेंडर स्वीकृत हो चुका है। इस राशि से बिजली की तारों, खंभों और ट्रांसफार्मरों सहित संपूर्ण ढांचे को आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि अंबाला छावनी में बिजली आपूर्ति नंबर वन हो सके।
अनिल विज ने बताया कि इस परियोजना से बिजली फॉल्ट शून्य हो जाएंगे और सभी क्षेत्रों में पूर्ण वोल्टेज की आपूर्ति होगी। इसके लिए वोल्टेज की सटीक गणना की गई है। बिजली ढांचे को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए इंसुलेटेड तारें लगाई जाएंगी, जो हादसों के खतरे को कम करेंगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था विकसित देशों के मानकों पर आधारित है।
परियोजना के तहत 232 सर्किट किलोमीटर LT नंगे कंडक्टर को LT आर्मर्ड XLPE केबल से बदला जाएगा, 77 सर्किट किलोमीटर 11 केवी लाइनों का विभाजन और संवर्द्धन किया जाएगा, साथ ही 127 वितरण ट्रांसफार्मरों का विस्तार होगा।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी बताया कि अंबाला छावनी में 20 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन, जो कई कॉलोनियों के ऊपर से गुजर रही थी, को हटा दिया गया है। यह लाइन अशोक नगर, पूजा विहार, करधान, नग्गल, रामपुर, सरसेहड़ी, आजाद नगर, आनंद नगर, दयालबाग, बब्याल, बोह, डिफेंस कॉलोनी और गुरुद्वारा क्षेत्र की कॉलोनियों के लिए खतरा बनी थी। इस लाइन के हटने से पहले कई हादसे हो चुके थे। अब इसके हटने से निवासियों को राहत मिली है, हादसों का खतरा कम हुआ है, और लोग अपने भवनों का विस्तार भी कर सकेंगे।
अनिल विज ने कहा कि इस परियोजना से कॉलोनियों में लो-वोल्टेज की समस्या भी खत्म होगी, जिससे बिजली आपूर्ति निर्बाध होगी। उन्होंने बताया कि 33 केवी लाइन को अंबाला छावनी से धूलकोट तक हटाने की प्रक्रिया उनके प्रयासों से शुरू हुई थी। यह कदम स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी राहत है, और इससे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था आधुनिक और सुरक्षित बनेगी।







