खबर सार :
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पोर्टल्स की खराबी: सरल, ई-दिशा और फैमिली आईडी पोर्टल्स के ठप होने से दस्तावेज नहीं बन पाए।
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युवाओं का नुकसान: लाखों अभ्यर्थी सीईटी फॉर्म नहीं भर पाए, सरकारी नौकरी का सपना टूटा।
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बीजेपी पर आरोप: सरकार की लापरवाही और तकनीकी खामियों से युवा हताश।
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फर्जी मैसेज का भ्रम: सोशल मीडिया पर तारीख बढ़ने की गलत खबरों से युवा परेशान।
चंडीगढ़, 12 जून 2025: इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) से कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) के आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाने और ठप पड़े पोर्टल्स को तुरंत ठीक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरल पोर्टल, ई-दिशा और फैमिली आईडी पोर्टल्स के खराब होने से लाखों युवा सीईटी फॉर्म नहीं भर पाए, जिससे उनका सरकारी नौकरी का सपना चकनाचूर हो गया।
चौटाला ने बताया कि पोर्टल्स के ठप होने से डोमिसाइल, ईडब्लयूएस, बीसीबी, बीसीए, डीएससी और ओएससी जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं बन पाए। इससे लाखों अभ्यर्थी सीईटी आवेदन से वंचित रह गए और हताशा में हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया लगातार इन समस्याओं को उजागर कर रहा है, लेकिन एचएसएससी चेयरमैन दिक्कतों को नकार रहे हैं।
चौटाला ने बीजेपी सरकार पर तकनीकी व्यवस्थाएं सुधारने में नाकामी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही और फेल पोर्टल्स ने युवाओं के भविष्य को दांव पर लगा दिया। एचएसएससी की प्रमाण पत्रों की अनिवार्यता और बार-बार की तकनीकी खामियों ने अभ्यर्थियों को मानसिक दबाव में डाल दिया है।
सोशल मीडिया पर सीईटी की तारीख बढ़ने के फर्जी मैसेज वायरल होने से युवाओं में भ्रम फैल गया। चौटाला ने कहा कि सरकारी तंत्र की अव्यवस्था से साफ है कि बीजेपी और एचएसएससी बेरोजगार युवाओं के भविष्य को गंभीरता से नहीं ले रहे।
चौटाला ने मांग की कि एचएसएससी तुरंत पोर्टल्स को सुचारू करे और सीईटी आवेदन की तारीख बढ़ाए ताकि युवाओं को मौका मिले। उन्होंने प्रशासन से तकनीकी समस्याओं को दूर करने और स्पष्ट निर्देश जारी करने की भी अपील की।







