भाजपा ने 11 साल में केवल अति धनाढ्य और अमीरों के लिए काम किया

  • आर्थिक असमानता 80 साल पहले के ब्रिटिश भारत से भी बदतर।
  • चंडीगढ़ को भाजपा ने टूटी सड़कों, प्रदूषण और गंदगी का शहर बनाया।
  • 2014 से चंडीगढ़ में जीवन स्तर में भारी गिरावट।
  • कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी चंडीगढ़ को पटरी पर लाने की कोशिश में।
  • भाजपा के केंद्रीय नेता जानबूझकर सुधार में अड़चनें डाल रहे।
  • अनुराग ठाकुर पर झूठे आंकड़े पेश करने का आरोप।
  • भाजपा मेयर को सीसीटीवी के लिए जनता से चंदा मांगना पड़ा।
  • देश के 1% अमीर 23% आय कमाते, 50% गरीब केवल 15%।
  • भाजपा ने सार्वजनिक संपत्तियां अमीर उद्योगपतियों को सौंपी।
चंडीगढ़ कांग्रेस ने भाजपा के 11 साल के कुशासन की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार पर देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने का गंभीर आरोप लगाया है।

चंडीगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि भाजपा के 11 साल के शासन ने ग्रामीण भारत को संकट में डाल दिया है और शहरों को प्रदूषित, रहने लायक न रहने वाली गंदी बस्तियों में बदल दिया है। उन्होंने कहा, “चंडीगढ़ के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि भाजपा के कुशासन ने इस खूबसूरत शहर को किस हाल में पहुंचा दिया। 11 साल पहले ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के नाम से मशहूर चंडीगढ़ आज टूटी सड़कों, प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और गंदगी के ढेरों का शहर बन गया है।”

शर्मा ने कहा कि 2014 में भाजपा की जीत के बाद से चंडीगढ़ में जीवन स्तर में गिरावट शुरू हुई। शहर अब धन की कमी, ट्रैफिक, पार्किंग समस्याओं और निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में भारी गिरावट से जूझ रहा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी चंडीगढ़ को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भाजपा के केंद्रीय नेता और मंत्री जानबूझकर इसमें अड़चनें डाल रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर पर सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए झूठे और भ्रामक आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के भाजपा मेयर को अपने वार्ड में सीसीटीवी लगाने के लिए जनता से चंदा मांगना पड़ा। शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर दिल्ली से आए भाजपा मंत्री को चंडीगढ़ की जनता की जरा भी फिक्र होती, तो वे नगर निगम को वित्तीय संसाधन उपलब्ध करवाते।

केंद्र सरकार की असफल परियोजनाओं के बारे में मंत्री द्वारा पेश आंकड़ों को “झूठ का पुलिंदा” करार देते हुए शर्मा ने कहा कि जमीनी हकीकत बेहद भयावह है। उन्होंने बढ़ती आर्थिक असमानता पर चिंता जताते हुए कहा कि देश के शीर्ष 1% लोग कुल आय का 23% कमाते हैं, जबकि निचले 50% लोग केवल 15% ही कमा पाते हैं। उन्होंने दावा किया कि आज देश में आर्थिक असमानता पिछले 100 साल में सबसे ज्यादा है और 80 साल पहले के ब्रिटिश भारत में भी स्थिति इससे बेहतर थी।

शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछले 11 साल में केवल अति धनाढ्य और अमीरों के लिए काम किया, जबकि किसानों, मध्यम और निम्न आय वर्ग को नुकसान पहुंचाया। सार्वजनिक संपत्तियां और कारोबार अमीर उद्योगपतियों को सौंप दिए गए। उन्होंने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे आम लोगों की समस्याओं को समझें और उनके उत्थान के लिए नीतियां बनाएं, वरना यह आर्थिक संकट देश को और गहरे संकट में डाल सकता है।

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