मुख्य बिंदू :
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पंचकुला जिले में स्वदेशी सुरक्षा और आत्मनिर्भर अभियान शुरू।
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20 से ज्यादा संगठनों ने बैठक में योजना बनाई।
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डॉ राजेश गोयल ने स्वदेशी को भारत की प्रगति से जोड़ा।
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अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे विदेशी ब्रांड्स का बहिष्कार।
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गांवों और स्कूलों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा।
25 जून 2025 को पंचकुला में स्वदेशी सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू हुआ। यह अभियान भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए है। भारत विकास परिषद भवन में 20 से ज्यादा संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक की। उत्तर क्षेत्र के समन्वयक डॉ राजेश गोयल ने कहा कि अमेरिका और चीन के व्यापार युद्ध भारत के लिए खतरा हैं। स्वदेशी ही इसका समाधान है।
प्रधानमंत्री ने भी हाल के भाषणों में स्वदेशी का समर्थन किया है। “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद तुर्की, अजरबेजान, चीन और अमेरिका के खिलाफ गुस्सा बढ़ा है। स्थानीय नेता समुदाय को एकजुट करना चाहते हैं। एक्स पर इस पहल में रुचि बढ़ रही है। हर नागरिक को जोड़ने की योजना है।
स्वदेशी अभियान से वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला
डॉ गोयल ने अमेरिकी टैरिफ और चीनी डंपिंग का जिक्र किया। उन्होंने पाकिस्तानी आतंकी घटनाओं को जोड़ा और “विदेशी छोड़ो, स्वदेशी अपनाओ” का आह्वान किया। 12 जून को दिल्ली के शंखनाद कार्यक्रम में 50 से ज्यादा संगठनों ने इसे शुरू किया। अब पंचकुला में यह अभियान आगे बढ़ेगा।
संगठन गांव-गांव और घर-घर जागरूकता फैलाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों में छोटी बैठकें और सेमिनार होंगे। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार होगा। यह जमीनी प्रयास आर्थिक स्वतंत्रता की ओर ले जाता है। एक्स पर स्थानीय समर्थन अभियान को मजबूत कर रहा है।
विश्व हिंदू परिषद के शैलेश और उपभोक्ता पंचायत ने स्वदेशी के लिए हाथ मिलाया
बैठक में रामकुमार, विश्व हिंदू परिषद के शैलेश और उपभोक्ता पंचायत के विकास ने हिस्सा लिया। गवर्नमेंट कॉलेज के प्रिंसिपल नरेंद्र सिवाच और ABVP के अभिषेक भी आए। आर्टिस्ट कंपनी के अनुज अग्रवाल और डॉ सुल्तान सिंह, बीनू राय जैसे नेताओं ने समर्थन दिया। उन्होंने भारत को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया।
हर मुहल्ले और स्कूल में कार्यक्रम होंगे। युवाओं को स्थानीय उद्यमी बनने का आग्रह है। यह एकजुटता अभियान को मजबूत करती है। विविध भागीदारी समुदाय के व्यापक समर्थन को दर्शाती है। एक्स पर इस एकता की तारीफ हो रही है।
स्वदेशी से समृद्ध भारत का सपना
अभियान एक आत्मनिर्भर भारत का सपना देखता है। “हर घर स्वदेशी” और “हर युवा उद्यमी की जय” जैसे नारे गूंजेंगे। नेता संकल्प सभाएं और कार्यशालाएं आयोजित करेंगे। यह वैश्विक दबाव का जवाब है। स्थानीय उत्पादों पर गर्व बढ़ेगा।
यह पहल अन्य जिलों के लिए मिसाल बन सकती है। एक्स पर सोशल मीडिया इसकी संभावना को बढ़ा रहा है। पंचकुला का प्रयास राष्ट्रीय पुनरुत्थान ला सकता है। युवाओं और गांवों पर ध्यान भविष्य की प्रगति है। यह दृष्टिकोण मजबूत भारत का वादा करता है।








