रिपोर्टर: मनजीत सहगल दिनांक: 2 मार्च, 2026 | समय: 12:15 AM | स्थान: शिमला, हिमाचल प्रदेश शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के 18,925 आंगनवाड़ी केंद्रों और 15,181 सरकारी स्कूलों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य और प्राथमिक शिक्षा को नई दिशा दी है। इस व्यापक अभियान के तहत 5.34 लाख से अधिक छात्रों को 'मुख्यमंत्री बाल पोषण आहार योजना' के जरिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर बाल्यावस्था देखभाल (ECCE) और संतुलित पोषण सुनिश्चित करना है, ताकि प्रदेश का भविष्य मानसिक और शारीरिक रूप से सुदृढ़ बन सके। सक्षम आंगनवाड़ी और शिक्षा का समन्वय राज्य सरकार ने बाल्यावस्था देखभाल को सुदृढ़ करने के लिए सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को 'आंगनवाड़ी सह-स्कूल' घोषित किया है। इसके क्रियान्वयन के लिए शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय संयुक्त कमेटी का गठन किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 1,030 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें से जिला चम्बा में 100 केंद्रों पर विशेष कार्य किया जा रहा है। इस वित्त वर्ष में आंगनवाड़ी सेवा योजना पर 113 करोड़ रुपये और विशेष पोषाहार कार्यक्रम पर 1516.09 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। अधिकारियों और सुपरवाइजरों को 'स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर' के रूप में प्रशिक्षित किया गया है ताकि केंद्रों का संचालन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुसार हो सके। किचन गार्डन: स्कूलों में पोषण की पाठशाला हिमाचल के 14,464 विद्यालयों में 'किचन गार्डन' पहल एक सफल मॉडल के रूप में उभरी है। मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं और …
March 1, 2026,
7:29 PM

