मुख्य बिंदु :
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हरियाणा और अन्य राज्यों के प्रमुख नेता रोहतक में श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।
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हवन और प्रार्थना के साथ राजवती हुड्डा को श्रद्धांजलि दी गई।
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कार्यक्रम ने हरियाणा में राजनीतिक और सामाजिक एकता को दर्शाया।
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राजवती हुड्डा को उनकी कृपा और सामुदायिक योगदान के लिए याद किया गया।
29 जून 2025 को रोहतक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के निवास पर उनकी भाभी राजवती हुड्डा को श्रद्धांजलि
देने के लिए एक भावभीनी सभा आयोजित की गई । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा सहित कई प्रमुख हस्तियों ने उनकी स्मृति को नमन किया।
सभा की शुरुआत पारंपरिक हवन से हुई, जिसमें उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए, जो उनके जीवन के योगदान का प्रतीक था। स्व. इंदर सिंह हुड्डा की पत्नी राजवती को उनकी सादगी और परिवार के प्रति समर्पण के लिए याद किया गया। बाबा रामदेव से लेकर राकेश टिकैत तक की उपस्थिति ने उनके व्यापक प्रभाव को दर्शाया। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा, “उनकी दयालुता ने कई जिंदगियां छुईं।” यह आयोजन हरियाणा में दुख के समय एकता का प्रतीक बना।
सादगी और प्रभाव का जीवन
राजवती हुड्डा के निधन पर पूरे भारत से शोक संदेश आए। सभा में सांसद, विधायक और एनएसयूआई के कन्हैया कुमार व सोनीपत के मेयर राजीव जैन जैसे सामाजिक नेता शामिल हुए। उनकी पारिवारिक और सामुदायिक भूमिका को सभी ने सराहा। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “वह करुणा की मूक शक्ति थीं।” सभा में हरियाणा की सांस्कृतिक परंपराओं का पालन हुआ, जिसमें पूजा-पाठ को पूरी श्रद्धा से किया गया। एक्स पर पोस्ट्स ने इस आयोजन के महत्व को उजागर किया, जिसमें नेताओं की एकता की प्रशंसा हुई। राजवती का जीवन भले ही निजी रहा, लेकिन रोहतक के सामाजिक ताने-बाने पर उनकी छाप अमिट है। उनकी स्मृति हरियाणा में दया और सेवा की प्रेरणा देती रहेगी।
राजवती हुड्डा के निधन पर पूरे भारत से शोक संदेश आए। सभा में सांसद, विधायक और एनएसयूआई के कन्हैया कुमार व सोनीपत के मेयर राजीव जैन जैसे सामाजिक नेता शामिल हुए। उनकी पारिवारिक और सामुदायिक भूमिका को सभी ने सराहा। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “वह करुणा की मूक शक्ति थीं।” सभा में हरियाणा की सांस्कृतिक परंपराओं का पालन हुआ, जिसमें पूजा-पाठ को पूरी श्रद्धा से किया गया। एक्स पर पोस्ट्स ने इस आयोजन के महत्व को उजागर किया, जिसमें नेताओं की एकता की प्रशंसा हुई। राजवती का जीवन भले ही निजी रहा, लेकिन रोहतक के सामाजिक ताने-बाने पर उनकी छाप अमिट है। उनकी स्मृति हरियाणा में दया और सेवा की प्रेरणा देती रहेगी।
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