मुख्य बिंदु:
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ट्रेनी पायलट ने इंडिगो में जातिवाद का आरोप लगाया।
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तीन अधिकारियों पर FIR दर्ज की गई है।
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SC/ST एक्ट, मानसिक स्वास्थ्य कानून और नौकरी नियम 1946 का उल्लंघन।
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घटना 28 अप्रैल को गुरुग्राम में हुई।
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जांच चल रही है, इंडिगो ने आरोपों से इनकार किया।
गुरुग्राम: इंडिगो एयरलाइंस के एक ट्रेनी पायलट ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिवाद और कार्यस्थल उत्पीड़न का आरोप लगाया है। गुरुग्राम पुलिस ने तपस दास, मनीष साहनी, और कप्तान राहुल पाटिल के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायतकर्ता, जो बेंगलुरु का रहने वाला है, ने बताया कि 28 अप्रैल को कंपनी के गुरुग्राम ऑफिस में एक मीटिंग में उसके साथ गलत बर्ताव हुआ। यह मामला लोगों की नजर में आ गया है।
पायलट ने कहा कि अधिकारियों ने उसकी जाति का मजाक उड़ाया और उसे अपमानित किया। पुलिस ने इस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई शुरू की। जांच जारी है, और लोग इस घटना से परेशान हैं। यह मामला कार्यस्थल पर भेदभाव की गंभीर समस्या दिखाता है।
तुम विमान उड़ाने के लायक नहीं हो, जाकर चप्पल सिलो
ट्रेनी पायलट ने बताया कि मीटिंग में तपस दास, मनीष साहनी, और कप्तान राहुल पाटिल ने उसे नीचा दिखाया। उन्होंने उससे फोन और बैग बाहर रखने को कहा, जो अपमानजनक था। अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा, “तुम विमान उड़ाने के लायक नहीं हो, जाकर चप्पल सिलो।” ये बातें उसे बहुत दुखी करने वाली थीं।
पायलट, जो अनुसूचित जाति से है, ने कहा कि ये बातें उसकी जाति को ठेस पहुंचाने के लिए कही गईं। इसके अलावा, उसका वेतन कम किया गया और उसे बिना कारण चेतावनी पत्र दिए गए। उसने कंपनी के बड़े अधिकारियों और नैतिकता समिति से शिकायत की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। आखिर में उसने पुलिस से शिकायत की।
इंडिगो पायलट का जातिवाद का दावा: तीन अधिकारियों पर केस, तीन कानूनों का उल्लंघन
इस मामले में तीन कानूनों का उल्लंघन हुआ है। पहला, SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 का उल्लंघन है, जो जाति आधारित अपमान को गंभीर अपराध मानता है। पायलट को सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाया गया, जो इस कानून के खिलाफ है। दूसरा, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 का उल्लंघन हुआ, क्योंकि अपमान और उत्पीड़न से उसकी मानसिक शांति प्रभावित हुई। तीसरा, औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 का उल्लंघन है, जो वेतन काटने और अनुचित चेतावनी देने को गलत ठहराता है।
पुलिस ने SC/ST एक्ट और अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। वे गवाहों से पूछताछ कर रही हैं। लोग चाहते हैं कि सच्चाई जल्द सामने आए। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
इंडिगो का जवाब
इंडिगो एयरलाइंस कंपनी का कहना है कि वे भेदभाव या उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करते। एक बयान में कहा गया, “हमारा मकसद एक सम्मानजनक कार्यस्थल बनाना है। ये आरोप बेबुनियाद हैं, और हम जांच में मदद करेंगे।” कंपनी ने अपनी निष्पक्षता पर भरोसा जताया।
लेकिन कई लोग इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। वे कहते हैं कि कंपनी को कर्मचारियों की बात सुननी चाहिए। यह मामला अभी भी चर्चा में है, और लोग नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।







