शुभमन गिल ने कप्तानी शतक के साथ रचा इतिहास

मुख्य बिंदू:

  • शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में कप्तानी पारी खेली।
  • 127 रनों की नाबाद पारी के साथ गिल ने रचा इतिहास।
  • यशस्वी जायसवाल के शतक ने भारत को दी मजबूत शुरुआत।
  • भारत ने पहले दिन 359/3 का स्कोर बनाकर दिखाया दबदबा।
  • गिल ने कोहली, गावस्कर जैसे दिग्गजों की सूची में जगह बनाई।

गिल की कप्तानी में भारत का शानदार आगाज
लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर 20 जून, 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में शुभमन गिल ने अपनी कप्तानी की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की। 25 वर्षीय गिल ने नाबाद 127 रनों की पारी खेलकर भारत को पहले दिन 359/3 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। यह इंग्लैंड में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ पहले दिन का टेस्ट स्कोर है। यशस्वी जायसवाल के 101 और ऋषभ पंत के नाबाद 65* रनों ने गिल का बखूबी साथ दिया। गिल की यह पारी न केवल उनकी बल्लेबाजी प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि कप्तान के रूप में उनकी जिम्मेदारी को भी रेखांकित करती है।

भारत ने टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी शुरू की। साई सुदर्शन के डेब्यू पर शून्य पर आउट होने के बावजूद, गिल और जायसवाल ने पारी को संभाला। गिल ने 175 गेंदों पर 127 रन बनाए, जिसमें 14 चौके और एक छक्का शामिल था। उनकी यह पारी समय, आक्रामकता और नेतृत्व का शानदार मिश्रण थी। गिल ने जोश टंग की गेंद पर 75वें ओवर में चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया, जिसे प्रशंसकों ने खूब सराहा।

कप्तानी शतक के साथ इतिहास रचा
गिल ने अपने पहले टेस्ट कप्तानी मैच में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। वह भारत के चौथे कप्तान बने, जिन्होंने डेब्यू पारी में शतक बनाया, इस सूची में विजय हजारे, सुनील गावस्कर और विराट कोहली जैसे दिग्गज शामिल हैं। 140 गेंदों में उनका शतक भारत का टेस्ट कप्तानी डेब्यू में सबसे तेज शतकों में से एक है। गिल की इस पारी ने न सिर्फ उनकी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया, बल्कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के संन्यास के बाद भारतीय टीम के नए युग की शुरुआत भी की।

जायसवाल के साथ उनकी साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जायसवाल ने 159 गेंदों पर 101 रन बनाए, जिसमें उनके छठे टेस्ट अर्धशतक से लेकर शतक तक का सफर शामिल था। पंत ने भी आक्रामक अंदाज में नाबाद 65 रन जोड़े, जिससे इंग्लैंड के गेंदबाज बेन स्टोक्स और ब्रायडन कार्स हताश नजर आए।

नए युग का शुभ आगमन
सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने गिल को “प्रिंस से किंग” तक का दर्जा दिया। उनकी पारी ने यह साबित किया कि वह दबाव में भी शांत और आक्रामक रह सकते हैं। कोहली और रोहित के बाद नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए गिल ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। यह शतक न केवल गिल के करियर का छठा टेस्ट शतक था, बल्कि भारत के टेस्ट क्रिकेट के भविष्य की नींव भी रखता है।

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