मुख्य बिंदु :
-
श्रमिकों के कल्याण के लिए ब्लॉक स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित होंगे।
-
हेल्प डेस्क वन-स्टॉप सेंटर के रूप में काम करेंगे।
-
पंजीकरण, जागरूकता और समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी।
-
कल्याणकारी योजनाओं के लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ दिए जाएंगे।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने भवन और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी मंडल (ब्लॉक) स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी है। अनिल विज, जो हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि यह पहल श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से दिलाने के लिए शुरू की गई है। यह हेल्प डेस्क 18 जून 2025 से कार्य शुरू करेंगे।
वन-स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेंगे हेल्प डेस्क
ये हेल्प डेस्क ब्लॉक स्तर पर वन-स्टॉप सेंटर के रूप में काम करेंगे। यहां श्रमिकों का पंजीकरण होगा और योजनाओं के लाभ के लिए सहायता मिलेगी। इसके अलावा, श्रमिकों को जागरूक करने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का कार्य भी होगा। अनिल विज ने कहा कि इन केंद्रों से योजनाओं के आवेदन प्रक्रिया में तेजी आएगी। यह हेल्प डेस्क स्थानीय स्तर पर सेवाओं को और सुलभ बनाएंगे।
हेल्प डेस्क में मिलेंगी ये सुविधाएं
श्रम विभाग इन हेल्प डेस्क पर सहायक कल्याण अधिकारी, स्टाफ और आईटी संसाधन उपलब्ध कराएगा। इससे श्रमिकों को पंजीकरण, आवेदन और शिकायत निवारण में आसानी होगी। ये केंद्र ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए कनेक्ट पॉइंट का काम करेंगे। विज ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता और जमीनी स्तर पर सेवा वितरण को बढ़ाना है।
श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का लाभ
हरियाणा सरकार भवन निर्माण श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इनमें मातृत्व लाभ के लिए 36,000 रुपये, पितृत्व लाभ के लिए 21,000 रुपये और बच्चों की शिक्षा के लिए 8,000 से 20,000 रुपये तक की सहायता शामिल है। मेधावी बच्चों को 10वीं/12वीं में 60-90% अंक लाने पर 21,000 से 51,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। प्रोफेशनल और टेक्निकल कोर्स के लिए पूर्ण शैक्षिक खर्च, हॉस्टल सुविधा के लिए 1.20 लाख रुपये और कोचिंग के लिए 20,000 से 1 लाख रुपये तक की मदद दी जाती है।
इसके अलावा, इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए 50,000 रुपये, लैपटॉप के लिए 49,000 रुपये, साइकिल के लिए 5,000 रुपये और सिलाई मशीन के लिए 4,500 रुपये की सहायता दी जाती है। कन्यादान योजना में 1.01 लाख रुपये, महिला श्रमिक की शादी के लिए 50,000 रुपये और धार्मिक स्थल भ्रमण के लिए किराए की प्रतिपूर्ति भी उपलब्ध है। चिकित्सा सहायता, अपंगता पेंशन, विधवा पेंशन और मृत्यु पर 5.15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता भी दी जाती है।







