मुख्य बिंदु
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ASI जयवीर सिंह को ₹7,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
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आरोपी ने गेस्टहाउस चलाने के लिए मासिक रिश्वत मांगी।
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ACB फरीदाबाद ने PC एक्ट के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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मामला स्थानीय पुलिस में भ्रष्टाचार की समस्या को उजागर करता है।
27 जून 2025 को, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) फरीदाबाद ने बल्लभगढ़ के बस स्टैंड पुलिस चौकी में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) जयवीर सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। ACB ने फरीदाबाद कोर्ट में उनके खिलाफ धारा 7, 13(1)(b), और 13(2) भ्रष्टाचार निवारण (PC) एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की।
एक शिकायतकर्ता, जिसने बल्लभगढ़ में ओयो महाराजा गेस्ट हाउस को लीज पर लिया था, ने आरोप लगाया कि ASI सिंह गेस्टहाउस चलाने की अनुमति के लिए हर महीने ₹5,000 रिश्वत लेते थे। हाल ही में, उन्होंने रिश्वत की राशि बढ़ाकर ₹7,000 कर दी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, ACB ने स्टिंग ऑपरेशन चलाया और सिंह को ₹7,000 लेते हुए गिरफ्तार किया। मामला 24 जनवरी 2025 को धारा 7, PC एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। ACB के एक अधिकारी ने कहा, “ऐसी हरकतें जनता का भरोसा तोड़ती हैं।”
बढ़ती रिश्वत की मांगों से फरीदाबाद में जनता में आक्रोश
शिकायतकर्ता ने बताया कि ASI सिंह की रिश्वत की मांग ₹5,000 से बढ़कर ₹7,000 हो गई, जिससे छोटे व्यवसायियों पर आर्थिक बोझ पड़ा। इस घटना ने स्थानीय लोगों में गुस्सा पैदा किया है, जो पुलिस से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। ACB की त्वरित कार्रवाई, जिसमें सिंह को रिश्वत लेते पकड़ा गया, उनकी सक्रियता को दर्शाती है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि ASI सिंह की रिश्वत की मांग ₹5,000 से बढ़कर ₹7,000 हो गई, जिससे छोटे व्यवसायियों पर आर्थिक बोझ पड़ा। इस घटना ने स्थानीय लोगों में गुस्सा पैदा किया है, जो पुलिस से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। ACB की त्वरित कार्रवाई, जिसमें सिंह को रिश्वत लेते पकड़ा गया, उनकी सक्रियता को दर्शाती है।
27 जून 2025 को दाखिल चार्जशीट ने मामले को मजबूत किया। बल्लभगढ़ के व्यवसायियों ने ऐसी रिश्वतखोरी की अन्य शिकायतें उठाई हैं और आगे की जांच की मांग की है। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “इस तरह का भ्रष्टाचार आजीविका को प्रभावित करता है।” ACB अब जांच कर रहा है कि क्या अन्य अधिकारी भी ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं, ताकि फरीदाबाद पुलिस में जनता का विश्वास बहाल हो।







